RBI New Rules 2026: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 1 जनवरी 2026 से बैंकिंग नियमों में 7 बड़े बदलावों की घोषणा की है। ये बदलाव बैंक खाताधारकों के लिए विशेष रूप से लाभकारी होंगे। इनमें डिजिटल बैंकिंग सुरक्षा में सुधार, लोन पेमेंट में छूट, और बैंक खाते की सुविधाओं को और आसान बनाने जैसे फैसले शामिल हैं। आइए जानते हैं इन सभी बदलावों के बारे में विस्तार से।
1. डिजिटल बैंकिंग सुरक्षा में बढ़ोतरी
RBI ने डिजिटल लेन-देन को सुरक्षित बनाने के लिए नए नियम बनाए हैं। इन बदलावों के तहत, खाताधारकों को ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के दौरान अधिक सुरक्षा मिलेगी। अब, बिना ग्राहक की सहमति के बड़ी ट्रांजेक्शन नहीं की जा सकेंगी। इससे ऑनलाइन धोखाधड़ी और अवैध ट्रांजेक्शन की समस्याओं में कमी आएगी।
| लाभ | विवरण |
|---|---|
| डिजिटल ट्रांजेक्शन की सुरक्षा | ऑनलाइन ट्रांजेक्शन अब और सुरक्षित होंगे। |
| ग्राहक की सहमति | ट्रांजेक्शन से पहले ग्राहक की सहमति जरूरी। |
2. अक्रिय खाते और अव्यक्त धन को पुनः सक्रिय करना आसान
यदि आपका बैंक खाता लंबे समय से निष्क्रिय पड़ा है, तो अब उसे फिर से सक्रिय करना आसान होगा। इसके लिए ग्राहकों को बैंक जाकर लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। Video Customer Identification Process (V-CIP) के जरिए घर बैठे ही KYC पूरा किया जा सकेगा।
| लाभ | विवरण |
|---|---|
| सरल प्रक्रिया | अब खाता पुनः सक्रिय करना सरल होगा। |
| वीडियो KYC | घर बैठे KYC पूरा किया जा सकता है। |
3. क्रेडिट रिपोर्टिंग में पारदर्शिता
RBI के नए नियमों के तहत, अब बैंक और लोन संस्थाओं को हर महीने क्रेडिट रिपोर्टिंग दो बार करनी होगी। इससे ग्राहकों को अपने क्रेडिट स्कोर पर लगातार अपडेट मिलते रहेंगे, जिससे लोन और क्रेडिट कार्ड के अनुमोदन में आसानी होगी।
| लाभ | विवरण |
|---|---|
| क्रेडिट स्कोर अपडेट | क्रेडिट स्कोर जल्दी अपडेट होंगे। |
| लोन अनुमोदन में आसानी | क्रेडिट रिपोर्ट अपडेट होने से लोन मिलना सरल होगा। |
4. नामांकित व्यक्तियों के अधिकारों में सुधार
अब बैंक खाते और लॉकर के लिए एक से अधिक नामांकित व्यक्ति जोड़ने की सुविधा मिलेगी। इससे खाताधारक के निधन के बाद संपत्ति और धन का दावा करने की प्रक्रिया सरल हो जाएगी।
| लाभ | विवरण |
|---|---|
| एक से अधिक नामांकित व्यक्ति | अब कई लोगों को नामांकित किया जा सकेगा। |
| सरल दावे प्रक्रिया | संपत्ति का दावा करना होगा सरल। |
5. प्रि-पेमेंट चार्जेस पर निर्णय
RBI ने फ्लोटिंग रेट लोन पर प्री-पेमेंट चार्जेस को समाप्त करने का फैसला लिया है। इसका मतलब है कि अब अगर आप लोन का भुगतान जल्दी करते हैं, तो आपको कोई अतिरिक्त जुर्माना नहीं देना होगा।
| लाभ | विवरण |
|---|---|
| प्री-पेमेंट चार्ज नहीं | लोन को जल्दी चुकाने पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं। |
| बडे लोन पर लाभ | होम लोन और पर्सनल लोन पर यह निर्णय फायदेमंद। |
6. रेपो रेट कट का असर
RBI ने रेपो रेट में कटौती की है, जिसका सीधा असर लोन की ब्याज दरों पर पड़ेगा। इसका मतलब यह है कि अब ग्राहकों को लोन पर कम ब्याज दरें मिलेंगी, जिससे उनकी EMI कम हो जाएगी।
| लाभ | विवरण |
|---|---|
| सस्ती EMIs | लोन की EMI कम होगी। |
| सस्ते लोन | अब ग्राहकों को सस्ते लोन मिलेंगे। |
7. क्लेम सेट्लमेंट और बैंक की जिम्मेदारी
RBI ने मृतक खाताधारकों के फंड्स और लॉकर सेट्लमेंट को 15 दिनों के भीतर पूरा करने का आदेश दिया है। अगर बैंक समय पर भुगतान नहीं करता, तो उसे जुर्माना और ब्याज देना होगा। इससे परिवारों को जल्दी राहत मिलेगी।
| लाभ | विवरण |
|---|---|
| तेजी से क्लेम सेट्लमेंट | अब परिवारों को जल्दी क्लेम मिलेंगे। |
| जुर्माना और ब्याज | अगर बैंक तय समय में फंड नहीं देता तो जुर्माना लगेगा। |
निष्कर्ष
RBI के ये बदलाव 1 जनवरी 2026 से लागू होने जा रहे हैं, जो बैंक खाताधारकों के लिए कई फायदे लेकर आएंगे। इन फैसलों से डिजिटल सुरक्षा, लोन के भुगतान में लचीलापन, और बैंकिंग प्रक्रियाओं में पारदर्शिता मिलेगी। खाताधारकों को इन नए नियमों के बारे में अपनी बैंक से अपडेट्स लेनी चाहिए।