अगर आपने बैंक से होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन लिया है, तो नए साल की शुरुआत आपके लिए बहुत बड़ी खुशखबरी लेकर आ रही है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा हाल ही में रेपो रेट (Repo Rate) में की गई 0.25% की कटौती के बाद, देश के दिग्गज बैंकों जैसे SBI, PNB, केनरा बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपनी लोन ब्याज दरों में कमी करने का एलान किया है। इन बैंकों ने अपने रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) और MCLR में कटौती कर दी है, जिसका सीधा फायदा आपको जनवरी 2026 की मासिक किस्त (EMI) में देखने को मिलेगा।
जनवरी 2026 से लोन ग्राहकों को बड़ी राहत
रिजर्व बैंक ने साल 2025 में कुल 1.25% की कटौती की है, जिससे अब बैंकों के पास सस्ते में फंड उपलब्ध है। इसी का फायदा ग्राहकों तक पहुँचाने के लिए 6 बड़े बैंकों ने अपनी ब्याज दरें कम की हैं।
इससे न केवल पुराने ग्राहकों की EMI कम होगी, बल्कि नए लोन लेने वालों को भी अब पहले के मुकाबले कम ब्याज देना होगा। विशेष रूप से हाउसिंग और ऑटो लोन सेक्टर में इस राहत का बड़ा असर देखने को मिलेगा।
बैंक-वार नई ब्याज दरें (RLLR) 2026
| बैंक का नाम | पुरानी दर (RLLR) | नई दर (RLLR) | प्रभावी तिथि |
| SBI (State Bank of India) | 7.75% | 7.50% | 15 दिसंबर 2025 |
| PNB (Punjab National Bank) | 8.35% | 8.10% | 06 दिसंबर 2025 |
| केनरा बैंक (Canara Bank) | 8.25% | 8.00% | 12 दिसंबर 2025 |
| बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) | 8.15% | 7.90% | 06 दिसंबर 2025 |
| इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) | 8.35% | 8.10% | 15 दिसंबर 2025 |
| बैंक ऑफ महाराष्ट्र | 7.35% | 7.10% | दिसंबर 2025 |
आपकी EMI पर कितना पड़ेगा असर?
अगर आपने किसी बैंक से ₹30 लाख का होम लोन लिया है, तो ब्याज दर में 0.25% की कटौती से आपकी मासिक किस्त में लगभग ₹500 से ₹800 तक की बचत हो सकती है।
यह बचत लंबी अवधि के लोन (जैसे 20 साल) के लिए बहुत मायने रखती है क्योंकि इससे आपके कुल ब्याज के बोझ में लाखों रुपये की कमी आती है। बैंक जनवरी 2026 के पहले हफ्ते से इस बदलाव को खातों में लागू करना शुरू कर देंगे।
क्या आपको कुछ करने की जरूरत है?
ज्यादातर बैंक अपनी रेपो-लिंक्ड दरों (RLLR) को ऑटोमेटिक तरीके से घटा देते हैं। हालांकि, यदि आपका लोन MCLR या पुराने Base Rate पर आधारित है, तो आपको अपने बैंक से संपर्क करना चाहिए।
आप बैंक से अपने लोन को नई RLLR व्यवस्था में ट्रांसफर करने का अनुरोध कर सकते हैं, जिससे आपको ब्याज दरों में आ रही इस गिरावट का पूरा फायदा मिल सके। इसके लिए बैंक एक मामूली ‘कन्वर्जन फीस’ (Conversion Fee) ले सकते हैं।
भविष्य का अनुमान: क्या और सस्ते होंगे लोन?
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि साल 2026 में महंगाई दर कम रहने के अनुमान के कारण RBI फरवरी 2026 की बैठक में रेपो रेट में 0.25% की और कटौती कर सकता है।
यदि ऐसा होता है, तो लोन की दरें 5% के करीब पहुँच सकती हैं, जो कि पिछले एक दशक का सबसे निचला स्तर होगा। यह समय नया घर खरीदने या संपत्ति में निवेश करने के लिए सबसे उपयुक्त माना जा रहा है।
Disclaimer: यह लेख वर्तमान बैंकिंग समाचार और आरबीआई की गाइडलाइन्स पर आधारित है। लोन की सटीक ब्याज दर आपकी पात्रता (Eligibility), सिबिल स्कोर और बैंक के नियमों पर निर्भर करती है। अपनी EMI की सटीक जानकारी के लिए बैंक के मोबाइल ऐप या शाखा से संपर्क करें।